Skip to content
2 पेतरॉस १:५-८

2 पेतरॉस १:५-८

इसलिये तुम हर संभव कोशिश करते हुए अपने विश्वास में नैतिक सदगुण, नैतिक सदगुण में समझ,
अपने समझ में आत्मसंयम, आत्मसंयम में धीरज, धीरज में भक्ति,
भक्ति में भाईचारा तथा भाईचारे में निस्स्वार्थ प्रेम में बढ़ते जाओ.
यदि तुममें ये गुण मौजूद हैं और यदि तुममें इनका विकास हो रहा है तब इनके कारण तुम हमारे प्रभु येशु मसीह के संपूर्ण ज्ञान में न तो निकम्मे होगे और न ही निष्फल;
Settings

Reading Style

Typeface

Font Size 19px

Reading Width 45 chars

Options