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1 तिमोथियॉस ५:१-२

विश्वासियों के साथ आदर का व्यवहार

1 तिमोथियॉस ५:१-२
१
अपने से अधिक उम्र के व्यक्ति को अपमान के भाव से न डांटो किंतु उसे पिता मानकर उससे विनती करो. अपने से कम उम्र के व्यक्ति को भाई,
२
अधिक उम्र की स्त्रियों को माता तथा कम उम्र की स्त्रियों को निर्मल भाव से बहन मानो.
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