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1 थेस्सलोनि ५:१६-२२

व्यावहारिक मसीही कर्तव्य

1 थेस्सलोनि ५:१६-२२
१६
हमेशा आनंदित रहो,
१७
प्रार्थना लगातार की जाए,
१८
हर एक परिस्थिति में धन्यवाद प्रकट किया जाए; क्योंकि मसीह येशु में तुमसे परमेश्वर की यही आशा है.
१९
पवित्र आत्मा को न बुझाओ.
२०
भविष्यवाणियों को तुच्छ न समझो
२१
परंतु हर एक को सावधानीपूर्वक बारीकी से जांचो तथा उसे, जो अच्छा है, थामे रहो.
२२
बुराई का उसके हर एक रूप में बहिष्कार करो.
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