७
पुरुष के लिए सिर ढांकना उचित नहीं क्योंकि वह परमेश्वर का प्रतिरूप तथा गौरव है. इसी प्रकार पुरुष का गौरव स्त्री है
८
क्योंकि नर की उत्पत्ति नारी से नहीं परंतु नारी की नर से हुई है
९
नर को नारी के लिए नहीं बनाया गया परंतु नारी को नर के लिए बनाया गया.