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Levites के बारे में बाइबल के वचन: Set apart as ministers of religion

25 वचन · 17 पहलू

Set apart as ministers of religion पर वचन

  1. किंतु लेवियों के गोत्र की गिनती उनके पितरों के अनुसार उनमें नहीं की गई.

  2. क्योंकि याहवेह मोशेह को यह संदेश दे चुके थे:

  3. “मात्र लेवी गोत्र की गिनती न की जाए, वे इस्राएल के घराने की गिनती में शामिल नहीं होंगे.

  4. किंतु तुम लेवियों को साक्षी के तंबू, इससे संबंधित सारी सज्जा तथा इसकी सारी सामग्री के लिए नियुक्त करोगे. वे ही साक्षी के तंबू तथा इससे संबंधित सारी वस्तुओं को उठाया करेंगे, वे ही इनके रख रखाव के अधिकारी होंगे. इसके अलावा वे साक्षी के तंबू के आस-पास पड़ाव डाला करेंगे.

  5. जब कभी साक्षी के तंबू को यात्रा के पहले गिराना आवश्यक हो, तब लेवी ही इसे गिराएंगे, तथा जब कभी पड़ाव डालना ज़रूरी हो जाए, तो लेवी ही इसे खड़ा करेंगे. इस अवसर पर यदि कोई सामान्य व्यक्ति निकट आ जाए, उसे मृत्युदण्ड दिया जाए.

  6. सारा इस्राएल अपने-अपने दल के अनुसार डेरा डालेगा, हर एक अपने-अपने ठहराए गए समूह में तथा अपने-अपने झंडे के निकट डेरा डाला करेगा.

  7. किंतु लेवी हमेशा ही साक्षी के तंबू के आस-पास ही पड़ाव डाला करेंगे कि इस्राएल के घराने पर मेरा क्रोध न भड़के. तब लेवी ही साक्षी के तंबू के अधिकारी होंगे.”

  8. इस्राएल के घराने ने यही किया, जैसा याहवेह द्वारा मोशेह को आज्ञा दी गई थी.

  9. “लेवी गोत्र को बुलाकर उन्हें अहरोन की उपस्थिति में ले जाओ ताकि वे पुरोहित अहरोन की सहायता के लिए तैयार रहें.

  10. वे मिलनवाले तंबू के सामने उपस्थित रहते हुए अहरोन तथा सारे इस्राएल के लिए अपनी सेवा किया करें, जिससे यह उनके लिए साक्षी के तंबू की सेवा हो.

  11. इस्राएलियों से ज़िम्मेदारियों को निभाने के अलावा वे मिलनवाले तंबू की वस्तुओं का ध्यान रखेंगे, यह उनकी साक्षी के तंबू संबंधित सेवा होगी.

  12. इस प्रबंध के अंतर्गत तुम सारे लेवियों को अहरोन तथा उनके पुत्रों के अधीन कर दोगे, वे सारे इस्राएल में से उन्हें सौंप दिए गए हैं.

  13. इस प्रकार तुम अहरोन तथा उसके पुत्रों को नियुक्त कर दोगे, कि वे पुरोहित के रूप में सेवा करते रहें, किंतु जो भी साधारण व्यक्ति साक्षी के तंबू के निकट आ जाए, उसे प्राण-दंड दे दिया जाए.”

  14. याहवेह ने मोशेह को यह आदेश भी दिया,

  15. “अब यह देखो, मैंने लेवी को, सारे इस्राएल में से प्रत्येक पहलौठे के स्थान पर, अर्थात् उस संतान के स्थान पर, जो गर्भ का प्रथम फल होता है, अलग कर लिया है, कि लेवी सिर्फ मेरे होकर रहें.

  16. क्योंकि सभी पहलौठे मेरे हैं. जिस दिन मैंने मिस्र देश में सारे पहिलौठों को मारा, मैंने इस्राएल के घराने में से सभी पहिलौठों को अपने लिए अलग कर लिया था; मनुष्यों एवं पशुओं, दोनों में से. वे मेरे रहेंगे. मैं याहवेह हूं.”

  17. इसके बाद याहवेह ने सीनायी के निर्जन प्रदेश में मोशेह को यह आज्ञा दी,

  18. “तुम लेवी के वंश की, उनके गोत्र तथा उनके परिवारों के अनुसार, गिनती करोगे; हर एक नर बालक की जिसकी आयु एक महीने से अधिक है.”

  19. इसलिये मोशेह ने उन्हें जैसी आज्ञा दी थी, याहवेह की आज्ञा के अनुसार उनकी गिनती की.

  20. लेवी का परिवार समूह भी गिना गया. लेवी के परिवार समूह के ये परिवार हैं: गेरशोन से गेरशोनी परिवार; कोहाथ से कोहाथ परिवार; मेरारी से मेरारी परिवार.

  21. लेवी के परिवार समूह से ये परिवार भी थे: लिबनी परिवार, हेब्रोनी परिवार, माहली परिवार, मूशी परिवार, कोहाथ परिवार, (अमराम कहात के परिवार समूह का था;

  22. अमराम की पत्नी का नाम योकेबेद था. वह भी लेवी के परिवार समूह की थी. उसका जन्म मिस्र में हुआ था. अमराम और योकेबेद के दो पुत्र अहरोन और मोशेह थे. उनकी एक पुत्री मिरियम भी थी.

  23. नादाब, अबीहू, एलिएज़र तथा इथामार का पिता था अहरोन.

  24. किंतु नादाब और अबीहू मर गए; क्योंकि उन्होंने याहवेह को उस आग से भेंट चढ़ाई जो उनके लिए स्वीकृत नहीं थी.)

  25. लेवी परिवार समूह के सभी पुरुषों की संख्या 23,000 थी. किंतु ये लोग इस्राएल के अन्य लोगों के साथ नहीं गिने गए थे. वे भूमि नहीं पा सके, जिसे अन्य लोगों को देने का वचन याहवेह ने दिया था.