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Amos के बारे में बाइबल के वचन: Forbidden to prophesy in Israel

8 वचन · 3 पहलू

Forbidden to prophesy in Israel पर वचन

  1. तब बेथेल के पुरोहित अमाज़्याह ने इस्राएल के राजा यरोबोअम के पास यह संदेश भेजा: “आमोस इस्राएल के वंश के बीच में तुम्हारे विरुद्ध एक षड़्‍यंत्र कर रहा है. इस देश के लिए उसकी बातें असहनीय है.

  2. क्योंकि आमोस यह कह रहा है: “ ‘यरोबोअम तलवार से मारा जाएगा, और इस्राएल अपनी मातृभूमि से अलग बंधुआई में चला जाएगा.’ ”

  3. तब अमाज़्याह ने आमोस से कहा, “हे भविष्यदर्शी, यहां से भाग जा! यहूदिया देश को चला जा. वहां कमा खा और वहां अपनी भविष्यवाणी कर.

  4. अब बेथेल फिर कभी भविष्यवाणी न करना, क्योंकि यह राजा का पवित्र स्थान और राज्य का मंदिर है.”

  5. आमोस ने अमाज़्याह को उत्तर दिया, “मैं न तो भविष्यवक्ता था और न ही मेरे पिताजी भविष्यवक्ता थे, परंतु मैं तो एक चरवाहा था और मैं गूलर वृक्षों की देखरेख करता था.

  6. पर याहवेह ने मुझे पशुओं की देखभाल करने के काम से बुलाकर कहा, ‘जा, और मेरे लोग इस्राएलियों से भविष्यवाणी कर.’

  7. इसलिये अब याहवेह का वचन सुनो. तुम कहते हो, “ ‘इस्राएल के विरुद्ध में भविष्यवाणी मत कर, यित्सहाक के वंशजों के विरुद्ध बातें कहना बंद कर.’

  8. “इसलिये याहवेह का कहना यह है: “ ‘तुम्हारी पत्नी शहर में एक वेश्या हो जाएगी, और तुम्हारे पुत्र और पुत्रियां तलवार से मारे जाएंगे. तुम्हारे देश को नापा जाएगा और विभाजित कर दिया जाएगा, और तुम स्वयं एक मूर्तिपूजक देश में मरोगे. और निश्चित रूप से इस्राएल अपनी मातृभूमि से अलग बंधुआई में चला जाएगा.’ ”