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Abortion के बारे में बाइबल के वचन

4 वचन · 3 पहलू

प्रमुख बाइबल वचन

  1. “यदि लोगों के झगड़े में गर्भवती स्त्री को चोट लग जाये और उसका समय से पूर्व प्रसव हो जाए, किंतु कोई नुकसान न हुआ हो, तो निश्चयतः उस व्यक्ति को, जिसने मारा है, उस स्त्री का पति जो भी मांगे और पंच जो भी फैसला करें और जो भी निर्णय होता है वह उसे चुकाए.

  2. और यदि चोट ज्यादा है तो, पंच प्राण के बदले प्राण का भी फैसला कर सकते हैं,

  3. याहवेह के स्वर से हिरणियों का गर्भपात हो जाता है; उनके स्वर से बंजर भूमि में पतझड़ हो जाता है. तब उनके मंदिर में सभी पुकार उठते हैं, “याहवेह की महिमा ही महिमा!”

  4. हे याहवेह, उन्हें दीजिए— आप उन्हें क्या देंगे? उन्हें ऐसे गर्भ दीजिए, जिससे गर्भपात हो जाता है और ऐसे स्तन दीजिए, जो सूखे हों.