Skip to content

स्तोत्र११७

समस्त राष्ट्रो, याहवेह का स्तवन करो; सभी उनका गुणगान करें.
इसलिये कि हमारे प्रति उनका करुणा-प्रेम अप्रतिम है, तथा उनकी सच्चाई सर्वदा है. याहवेह का स्तवन हो.
Use arrow keys to navigate
Settings

Reading Style

Typeface

Font Size 19px

Options