मुख्य सामग्री पर जाएँ
ज़करयाह ७:४-७

परमेश्वर उपवास की मंशा को चुनौती देता है

ज़करयाह ७:४-७
तब सर्वशक्तिमान याहवेह का यह वचन मेरे पास आया:
“देश के सारे लोगों और पुरोहितों से पूछो, ‘जब तुमने पांचवें और सातवें महीने में पिछले सत्तर सालों तक उपवास तथा विलाप किया, तो क्या सही में तुमने मेरे लिए ही उपवास किया?
और जब तुम खाते और पीते थे, तो क्या तुम ये सब सिर्फ अपने मौज-मस्ती के लिये नहीं करते थे?
क्या ये याहवेह के वचन नहीं हैं, जिसकी घोषणा उन्होंने पहले के भविष्यवक्ताओं के ज़रिये की थी, जब येरूशलेम और उसके आस-पास के नगर शांति और समृद्धि में थे, और नेगेव और पश्चिम के नीचे के देश बस गये थे?’ ”
Settings

Reading Style

Typeface

Font Size 19px

Reading Width 45 chars

Options