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सर्वश्रेष्ठ गीत ८:१३-१४

अंतिम संवाद और पुकार

सर्वश्रेष्ठ गीत ८:१३-१४
१३
तुम सभी, जो बगीचों में रहते हो, मेरे साथी तुम्हारी आवाज सुनने के लिए इच्छुक बने रहते हैं. कब सुन सकूंगा, मैं वह आवाज?
१४
मेरे प्रेमी, देर न करो, तुम्हारी चाल सुगंध द्रव्य के पहाड़ों पर से आते हुए हिरण अथवा जवान हिरण के समान तेज हो.
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