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रोमियों ४:४-५

रोमियों ४:४-५

मज़दूर की मज़दूरी उसका उपहार नहीं, अधिकार है.
वह व्यक्ति, जो व्यवस्था का पालन तो नहीं करता किंतु परमेश्वर में, जो अधर्मी को निर्दोष घोषित करते हैं, विश्वास करता है, इसी विश्वास के द्वारा धर्मी व्यक्ति के रूप में मान्यता प्राप्‍त करता है.
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