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रोमियों ३:१२-१६

रोमियों ३:१२-१६

१२
सभी परमेश्वर से दूर हो गए, वे सब निकम्मे हो गए. कोई भी भलाई करनेवाला नहीं, एक भी नहीं.”
१३
“उनके गले खुली कब्र तथा उनकी जीभ छल-कपट का साधन हैं.” “उनके होंठों से घातक सांपों का विष छलकता है.”
१४
“उनके मुंह शाप तथा कड़वाहट से भरे हुए हैं.”
१५
“उनके पांव लहू बहाने के लिए फुर्तीले हैं;
१६
विनाश तथा क्लेश उनके मार्ग में बिछे हैं,
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