रोमियों ११:३३-३५
३३
ओह! कैसा अपार है परमेश्वर की बुद्धि और ज्ञान का भंडार! कैसे अथाह हैं उनके निर्णय! तथा कैसा रहस्यमयी है उनके काम करने का तरीका!
३४
भला कौन जान सका है परमेश्वर के मन को? या कौन हुआ है उनका सलाहकार?
३५
क्या किसी ने परमेश्वर को कभी कुछ दिया है कि परमेश्वर उसे वह लौटाएं?