प्रकाशन ९:१६-१७
१६
मुझे बताया गया कि घुड़सवारों की सेना की संख्या बीस करोड़ है.
१७
मैंने दर्शन में घोड़े और उन्हें देखा, जो उन पर बैठे थे. उनके कवच आग के समान लाल, धूम्रकांत तथा गंधक जैसे पीले रंग के थे. घोड़ों के सिर सिंहों के सिर जैसे थे तथा उनके मुंह से आग, गंधक तथा धुआं निकल रहा था.