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स्तोत्र ९:७-९

स्तोत्र ९:७-९

परंतु याहवेह सदैव सिंहासन पर विराजमान हैं; उन्होंने अपना सिंहासन न्याय के लिए स्थापित किया है.
वह संसार का न्याय तथा राष्ट्रों का निर्णय धार्मिकता से करते हैं.
याहवेह ही दुःखित को शरण देते हैं, संकट के समय वही ऊंचा गढ़ हैं.
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