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स्तोत्र ७७:३-४

स्तोत्र ७७:३-४

परमेश्वर, कराहते हुए मैं आपको स्मरण करता रहा; आपका ध्यान करते हुए मेरी आत्मा क्षीण हो गई.
जब मैं संकट में निराश हो चुका था; आपने मेरी आंख न लगने दी.
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