Skip to content
स्तोत्र ७३:८-९

स्तोत्र ७३:८-९

८
वे उपहास करते रहते हैं, बुराई करने की वार्तालाप करते हैं; तथा अहंकार के साथ वे उत्पीड़न की धमकी देते हैं.
९
उनकी डींगे आकाश तक ऊंची होती हैं, और वे दावा करते हैं कि वे पृथ्वी के अधिकारी हैं.
Settings

Reading style

Typeface

Font size 19px

Reading width 75 chars

Options