Skip to content
स्तोत्र ६९:९-१०

स्तोत्र ६९:९-१०

आपके भवन की धुन में जलते जलते मैं भस्म हुआ, तथा आपके निंदकों द्वारा की जा रही निंदा मुझ पर पड़ रही है.
१०
जब मैंने उपवास करते हुए विलाप किया, तो मैं उनके लिए घृणा का पात्र बन गया;
Settings

Reading Style

Typeface

Font Size 19px

Options