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स्तोत्र ६७:३-५

जातियों को स्तुति के लिए बुलावा

स्तोत्र ६७:३-५
३
हे परमेश्वर, मनुष्य आपका स्तवन करते रहें; सभी मनुष्यों द्वारा आपका स्तवन होता रहे.
४
हर एक राष्ट्र उल्‍लसित होकर हर्षोल्लास में गाने लगे, क्योंकि आपका न्याय सभी के लिए खरा है और आप पृथ्वी के हर एक राष्ट्र की अगुवाई करते हैं.
५
हे परमेश्वर, मनुष्य आपका स्तवन करते रहें; सभी मनुष्यों द्वारा आपका स्तवन होता रहे.
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