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स्तोत्र ६:४-५

स्तुति के लिए जीवन का आवश्यक होना

स्तोत्र ६:४-५
याहवेह, आकर मुझे बचा लीजिए; अपने करुणा-प्रेम के निमित्त मुझे बचा लीजिए.
क्योंकि मृत अवस्था में आपका स्मरण करना संभव नहीं. अधोलोक में कौन आपका स्तवन कर सकता है?
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