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स्तोत्र ५०:१-३

स्तोत्र ५०:१-३

१
आसफ का एक स्तोत्र. वह, जो सर्वशक्तिमान हैं, याहवेह, परमेश्वर, सूर्योदय से सूर्यास्त तक पृथ्वी को संबोधित करते हैं.
२
ज़ियोन के परम सौंदर्य में, परमेश्वर तेज दिखा रहे हैं.
३
हमारे परमेश्वर आ रहे हैं, वह निष्क्रिय नहीं रह सकते; उनके आगे-आगे भस्मकारी अग्नि चलती है, और उनके चारों ओर है प्रचंड आंधी.
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