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स्तोत्र ४८:४-७

स्तोत्र ४८:४-७

४
जब राजाओं ने अपनी सेनाएं संयुक्त की, जब उन्होंने इस पर आक्रमण किया,
५
तब वे इसे देख चकित रह गए; वे भयभीत हो भाग खड़े हुए.
६
भय के कारण उन्हें वहां ऐसी कंपकंपी होने लगी, जैसी प्रसव पीड़ा में प्रसूता को होती है.
७
आपने उनका ऐसा विध्वंस किया, जैसे तरशीश के जलयानों का पूर्वी हवा के कारण हुआ था.
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