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स्तोत्र ४८:११-१३

स्तोत्र ४८:११-१३

११
ज़ियोन पर्वत उल्‍लसित है, यहूदाह प्रदेश के नगर आपके निष्पक्ष न्याय के कारण हर्षित हो रहे हैं.
१२
ज़ियोन की परिक्रमा करते हुए, उसके स्तंभों की गणना करो.
१३
उसकी शहरपनाह पर दृष्टि लगाओ, उसके महलों का भ्रमण करो, कि तत्पश्चात तुम अगली पीढ़ी को इनके विषय में बता सको.
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