मुख्य सामग्री पर जाएँ
स्तोत्र ४६:८-११

सेनाओं के यहोवा की विजय

स्तोत्र ४६:८-११
यहां आकर याहवेह के कार्यों पर विचार करो, पृथ्वी पर उन्होंने कैसा विध्वंस किया है.
उन्हीं के आदेश से पृथ्वी के छोर तक युद्ध थम जाते हैं. वही धनुष को भंग और भाले को टुकड़े-टुकड़े कर देते हैं; वह रथों को अग्नि में भस्म कर देते हैं.
१०
परमेश्वर कहते हैं, “समस्त प्रयास छोड़कर यह समझ लो कि परमेश्वर मैं हूं; समस्त राष्ट्रों में मेरी महिमा होगी, समस्त पृथ्वी पर मेरी महिमा होगी.”
११
सर्वशक्तिमान याहवेह हमारे पक्ष में हैं; याकोब के परमेश्वर में हमारी सुरक्षा है.
Settings

Reading Style

Typeface

Font Size 19px

Reading Width 45 chars

Options