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स्तोत्र ४५:१४-१५

स्तोत्र ४५:१४-१५

१४
कढ़ाई किए गए वस्त्र धारण किए हुए उन्हें राजा के निकट ले जाया जा रहा है; उनके पीछे कुंवारी वधू सहेलियों की पंक्तियां चल रही हैं, यह समूह अब आपके निकट पहुंच रहा है.
१५
ये सभी आनंद एवं उल्लास के भाव में यहां आ पहुंचे हैं, अब उन्होंने राजमहल में प्रवेश किया है.
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