स्तोत्र ४५:१३-१४
१३
अंतःपुर में राजकन्या ने भव्य शृंगार किया है; उसके वस्त्र पर सोने के धागों से कढ़ाई की गई है.
१४
कढ़ाई किए गए वस्त्र धारण किए हुए उन्हें राजा के निकट ले जाया जा रहा है; उनके पीछे कुंवारी वधू सहेलियों की पंक्तियां चल रही हैं, यह समूह अब आपके निकट पहुंच रहा है.