Skip to content
स्तोत्र १४८:१२-१३

स्तोत्र १४८:१२-१३

१२
युवक और युवतियां, वृद्ध और बालक.
१३
सभी याहवेह की महिमा का गुणगान करें, क्योंकि मात्र उन्हीं की महिमा सर्वोच्च है; उनका ही तेज पृथ्वी और आकाश से महान है.
Settings

Reading Style

Typeface

Font Size 19px

Options