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स्तोत्र १३६:१०-१६

स्तोत्र १३६:१०-१६

१०
उन्हीं के प्रति, जिन्होंने मिस्र देश के पहलौठों की हत्या की, सनातन है उनकी करुणा.
११
और उनके मध्य से इस्राएल राष्ट्र को बाहर निकाल लिया, सनातन है उनकी करुणा.
१२
सशक्त भुजा और ऊंची उठी हुई बांह के द्वारा; सनातन है उनकी करुणा.
१३
उन्हीं के प्रति, जिन्होंने लाल सागर को विभक्त कर दिया था सनातन है उनकी करुणा.
१४
और उसके मध्य की भूमि से इस्राएलियों को पार करवा दिया, सनातन है उनकी करुणा.
१५
किंतु फ़रोह और उसकी सेना को सागर ही में डुबो दिया; सनातन है उनकी करुणा.
१६
उन्हीं के प्रति, जिन्होंने अपनी प्रजा को बंजर भूमि से पार कराया; सनातन है उनकी करुणा.
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