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स्तोत्र १३२:१०-११

स्तोत्र १३२:१०-११

१०
अपने सेवक दावीद के निमित्त, अपने अभिषिक्त को न ठुकराईए.
११
याहवेह ने दावीद से शपथ खाई थी, एक ऐसी शपथ, जिसे वह तोड़ेंगे नहीं: “तुम्हारे ही अपने वंशजों में से एक को मैं तुम्हारे सिंहासन पर विराजमान करूंगा.
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