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स्तोत्र १३०:१-४

स्तोत्र १३०:१-४

आराधना के लिए यात्रियों का गीत. याहवेह, गहराइयों में से मैं आपको पुकार रहा हूं;
हे प्रभु, मेरा स्वर सुन लीजिए, कृपा के लिए मेरी नम्र विनती की ओर आपके कान लगे रहें.
याहवेह, यदि आप अपराधों का लेखा रखने लगें, तो प्रभु, कौन ठहर सकेगा?
किंतु आप क्षमा शील हैं, तब आप श्रद्धा के योग्य हैं.
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