Skip to content
स्तोत्र १२८:१-४

स्तोत्र १२८:१-४

१
आराधना के लिए यात्रियों का गीत. वे सभी धन्य हैं, जिनमें याहवेह के प्रति श्रद्धा पायी जाती है, जो उनकी नीतियों का आचरण करते हैं.
२
जिसके लिए तुम अपने हाथों से श्रम करते रहे हो, तुम्हें उसका प्रतिफल प्राप्‍त होगा; तुम धन्य होगे और कल्याण होगा तुम्हारा.
३
तुम्हारे परिवार में तुम्हारी पत्नी फलदायी दाखलता समान होगी; तुम्हारी मेज़ के चारों ओर तुम्हारी संतान जैतून के अंकुर समान होगी.
४
धन्य होता है वह जिसमें याहवेह के प्रति श्रद्धा पाई जाती है.
Settings

Reading style

Typeface

Font size 19px

Reading width 75 chars

Options