Skip to content
स्तोत्र १२४:३-५

स्तोत्र १२४:३-५

३
जब उनका क्रोध हम पर भड़क उठा था वे हमें जीवित ही निगल गए होते;
४
बाढ़ ने हमें जलमग्न कर दिया होता, जल प्रवाह हमें बहा ले गया होता,
५
उग्र जल प्रवाह हमें दूर बहा ले गया होता.
Settings

Reading style

Typeface

Font size 19px

Reading width 75 chars

Options