Skip to content
स्तोत्र ११९:१०६-१०७

स्तोत्र ११९:१०६-१०७

१०६
मैंने यह शपथ ली है और यह सुनिश्चित किया है, कि मैं आपके धर्ममय नियमों का ही पालन करता जाऊंगा.
१०७
याहवेह, मेरी पीड़ा असह्य है; अपनी प्रतिज्ञा के अनुरूप मुझमें नवजीवन का संचार कीजिए.
Settings

Reading style

Typeface

Font size 19px

Reading width 90 chars

Options