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स्तोत्र १०७:३३-३५

स्तोत्र १०७:३३-३५

३३
परमेश्वर ने नदियां मरुभूमि में बदल दीं, परमेश्वर ने झरनों के प्रवाह को रोका.
३४
वहां के निवासियों की दुष्टता के कारण याहवेह नदियों को वन में, नदी को शुष्क भूमि में और उर्वर भूमि को निर्जन भूमि में बदल देते हैं.
३५
याहवेह ही वन को जलाशय में बदल देते हैं और शुष्क भूमि को झरनों में;
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