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स्तोत्र १०६:३०-३१

स्तोत्र १०६:३०-३१

३०
तब फिनिहास ने सामने आकर मध्यस्थ का कार्य किया, और महामारी थम गई.
३१
उनकी इस भूमिका को पीढ़ी से पीढ़ी के लिए युक्त घोषित किया गया.
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