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स्तोत्र १०३:२-३

स्तोत्र १०३:२-३

मेरे प्राण, याहवेह का स्तवन करो, उनके किसी भी उपकार को न भूलो.
वह तेरे सब अपराध क्षमा करते तथा तेरे सब रोग को चंगा करते हैं.
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