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स्तोत्र १०२:२६-२७

स्तोत्र १०२:२६-२७

२६
वे तो नष्ट हो जाएंगे किंतु आप अस्तित्व में ही रहेंगे; वे सभी वस्त्र समान पुराने हो जाएंगे. आप उन्हें वस्त्रों के ही समान परिवर्तित कर देंगे उनका अस्तित्व समाप्‍त हो जाएगा.
२७
आप न बदलनेवाले हैं, आपकी आयु का कोई अंत नहीं.
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