सूक्ति संग्रह ७:६-८
६
मैं खिड़की के पास खड़ा हुआ जाली में से बाहर देख रहा था.
७
मुझे एक साधारण, सीधा-सादा युवक दिखाई दिया, इस युवक में समझदारी तो थी ही नहीं,
८
यह युवक उस मार्ग पर जा रहा था, जो इस स्त्री के घर की ओर जाता था, सड़क की छोर पर उसका घर था.