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सूक्ति संग्रह २४:१

सूक्ति संग्रह २४:१

आसपास के संदर्भ के साथ पद दिखाया जा रहा है।
दुष्टों से ईर्ष्या न करना, उनके साहचर्य की कामना भी न करना;
उनके मस्तिष्क में हिंसा की युक्ति तैयार होती रहती है, और उनके मुख से हानिकर शब्द ही निकलते हैं.
गृह-निर्माण के लिए विद्वत्ता आवश्यक होती है, और इसकी स्थापना के लिए चतुरता;
ज्ञान के द्वारा घर के कक्षों में सभी प्रकार की बहुमूल्य तथा सुखदाई वस्तुएं सजाई जाती हैं.
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