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सूक्ति संग्रह २३:१७-१८

सूक्ति संग्रह २३:१७-१८

१७
दुष्टों को देख तुम्हारे हृदय में ईर्ष्या न जागे, तुम सर्वदा याहवेह के प्रति श्रद्धा में आगे बढ़ते जाओ.
१८
भविष्य सुनिश्चित है, तुम्हारी आशा अपूर्ण न रहेगी.
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