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फ़िलिप्पॉय २:३-५

फ़िलिप्पॉय २:३-५

स्वार्थ और झूठी बड़ाई से कुछ भी न करो, परंतु विनम्रता के साथ तुममें से प्रत्येक अपनी बजाय दूसरे को श्रेष्ठ समझे.
तुममें से हर एक सिर्फ अपनी ही भलाई का नहीं परंतु दूसरों की भलाई का भी ध्यान रखे.
तुम्हारा स्वभाव वैसा ही हो, जैसा मसीह येशु का था:
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