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मत्तियाह २४:४५-४७

मत्तियाह २४:४५-४७

४५
“कौन है वह विश्वासयोग्य और समझदार सेवक, जिसे घर का मालिक अपने परिवार की ज़िम्मेदारी सौंप दे कि वह समय के अनुसार सबके लिए भोजन-व्यवस्था करे?
४६
धन्य है वह सेवक, जिसे घर का स्वामी लौटने पर यही करते हुए पाए.
४७
सच्चाई तो यह है कि घर का स्वामी उस सेवक के हाथों में अपनी सारी संपत्ति की ज़िम्मेदारी सौंप देगा.
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