Skip to content
मार्कास १२:३०-३१

मार्कास १२:३०-३१

३०
तुम प्रभु तुम्हारे परमेश्वर से अपने सारे हृदय, सारे प्राण, सारे समझ तथा सारी शक्ति से प्रेम करो.’
३१
दूसरी आज्ञा है, ‘तुम अपने पड़ोसी से अपने ही समान प्रेम करो.’ इनसे बढ़कर कोई और आज्ञा है ही नहीं.”
Settings

Reading Style

Typeface

Font Size 19px

Reading Width 45 chars

Options