बकरे का मेलबलि और चर्बी तथा लहू की व्यवस्था
१२
“ ‘यदि वह बलि में एक बकरी भेंट कर रहा है, तो वह इसे याहवेह के सामने भेंट करे,
१३
वह अपना हाथ इसके सिर पर रखे और मिलनवाले तंबू के सामने इसका वध करे, अहरोन के पुत्र इसके रक्त को वेदी के चारों ओर छिड़क दें.
१४
इसमें से वह याहवेह के लिए अग्निबलि के रूप में ये प्रस्तुत करे: वह चर्बी जो आंतों को ढांपती है, वह पूरी चर्बी जो आंतों पर है,
१५
दोनों गुर्दे उस चर्बी के साथ जो कमर पर है, तथा कलेजे के ऊपर की झिल्ली जिसे वह गुर्दों सहित अलग करेगा.
१६
फिर पुरोहित इसे वेदी पर आहार स्वरूप, जलते हुए धुएं में भेंट करे; सुखद-सुगंध के लिए एक अग्निबलि. पूरी चर्बी याहवेह की है.
१७
“ ‘यह तुम्हारी पीढ़ियों तथा तुम्हारे निवासों में एक हमेशा की विधि है, तुम चर्बी को और रक्त को कभी न खाओगे.’ ”
बाइबल पाठ: Biblica® Open Hindi Contemporary Version™, © 1978, 2009, 2016, 2019 Biblica, Inc. · CC BY-SA 4.0“Biblica” is a trademark registered in the United States Patent and Trademark Office by Biblica, Inc., used with permission.
Settings