Skip to content
योहन ८:४४-४५

योहन ८:४४-४५

४४
तुम अपने पिता शैतान से हो और उसी पिता की इच्छाओं को पूरा करना चाहते हो. वह प्रारंभ से ही हत्यारा है और सच उसका आधार कभी रहा ही नहीं क्योंकि सच उसमें है ही नहीं. जब वह कुछ भी कहता है, अपने स्वभाव के अनुसार झूठ ही कहता है, क्योंकि वह झूठा और झूठ का पिता है.
४५
मैं सच कहता हूं इसलिये तुम मेरा विश्वास नहीं करते.
Settings

Reading Style

Typeface

Font Size 19px

Reading Width 90 chars

Options