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योहन १५:१४-१५

योहन १५:१४-१५

१४
यदि तुम मेरी आज्ञाओं का पालन करते हो तो तुम मेरे मित्र हो.
१५
मैंने तुम्हें दास नहीं, मित्र माना है क्योंकि दास स्वामी के कार्यों से अनजान रहता है. मैंने तुम्हें उन सभी बातों को बता दिया है, जो मुझे पिता से मिली हुई हैं.
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