Skip to content
यशायाह ५७:२०-२१

यशायाह ५७:२०-२१

२०
परंतु दुष्ट लहराते हुए सागर समान है, जो स्थिर रह ही नहीं सकता, उसकी तरंगें कचरे और कीचड़ को उछालती रहती हैं.
२१
मेरे परमेश्वर का वचन है, “दुष्टों के लिए शांति नहीं.”
Settings

Reading Style

Typeface

Font Size 19px

Options