४
तब तुम बाबेल के राजा पर यह ताना मारोगे कि: सतानेवाले का कैसा अंत हुआ! उसका सुनहरा मंदिर से भरा नगर नाश हो गया!
५
याहवेह ने दुष्ट के दंड और शासकों की लाठी को तोड़ डाला है,
६
जो जनताओं पर निरंतर सताव और गुस्से में शासन करता था.
७
पूरी पृथ्वी को विश्राम और चैन मिला है; और सब खुश होकर गा उठे हैं.