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उत्पत्ति २४:२८-३०

उत्पत्ति २४:२८-३०

२८
वह कन्या दौड़कर अपने घर गई और अपनी माता के घर के लोगों को सब बातें बताई.
२९
रेबेकाह के भाई लाबान दौड़कर कुएं के पास गए जहां सेवक था.
३०
जब उसने नथ और अपनी बहन के हाथों में कंगन देखा और जो बात सेवक ने कही थी, उसे सुनी, तब वह उस सेवक के पास गया, और देखा कि वह सेवक सोते के निकट ऊंटों के बाजू में खड़ा है.
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