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गलातिया ५:७-९

गलातिया ५:७-९

७
दौड़ में बहुत बढ़िया था तुम्हारा विकास. कौन बन गया तुम्हारे सच्चाई पर चलने में रुकावट?
८
यह उकसावा उनकी ओर से नहीं है, जिन्होंने तुम्हें बुलाया.
९
“थोड़ा-सा खमीर सारे आटे को खमीर कर देता है.”
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